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‘मार्च’ में दिखा हड़ताली शिक्षकों का आक्रोश मैटिक की कॉपियां जांचने 42 फीसद शिक्षक आए

शिक्षकों के हड़ताल के कारण मैट्रिक परीक्षा की कॉपी जांचने के लिए लगाए गए 2600  शिक्षकों में  मात्र 1100 शिक्षक  ही उपस्थित हुए  मैट्रिक की कॉपी जांच करने के लिए  |

‘मार्च’ में दिखा हड़ताली शिक्षकों का आक्रोश

मैटिक की कॉपियां जांचने 42 फीसद शिक्षक आए

कारगिल चौक से जिला कार्यालय तक निकाला जुलूस, लगाते रहे सरकार विरोधी नारे, पुलिस से भिड़ंत होते-होते बची

जागरण संवाददाता, पटना: शिक्षकों की हड़ताल दिनों दिन उग्र होती जा रही है। गुरुवार को हड़ताल के 18वें दिन भी शिक्षकों ने आक्रोश मार्च निकाला। कलेक्ट्रेट का घेराव किया। शिक्षकों को हटाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। एक बार तो पुलिस व शिक्षक भिड़ते-भिड़ते बचे। उनके बीच बहस शुरू हो गई।

शिक्षकों के आक्रोश मार्च के कारण काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। कारगिल चौक से जिला कार्यालय तक जाम की स्थिति बनी रही। काफी संख्या में शहर के आसपास से महिला शिक्षक भी पहुंचीं थीं।

बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के तत्वावधान में राज्य के सभी जिला कार्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इसमें प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों ने काफी संख्या में भाग लिया। राज्य में 17 फरवरी से शिक्षक हड़ताल पर हैं।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि सरकार की हठ धर्मिता के कारण हड़ताल टलती जा रही है। समन्वय समिति के संयोजक ब्रजनंदन शर्मा ने कहा कि सरकार को समन्वय स्थापित कर हड़ताल समाप्त करने की कोशिश करनी चाहिए। शिक्षकों ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर ध्यान देने की जरूरत है। पिछले 18 दिनों से शिक्षक हड़ताल पर हैं, स्कूलों में ताला लटका हुआ है। पूरी शिक्षा व्यवस्था ठप पड़ चुकी है। बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद है।वहीं समिति के सदस्य मार्कंडेय पाठक का कहा कि सरकार शिक्षकों पर दमन बढ़ाते जा रही है, जिसे किसी भी दृष्टि से सही नहीं कहा जा सकता है। शिक्षकों ने कहा कि सरकार को पूर्ण वेतनमान की मांग को स्वीकार करना होगा, तभी हड़ताल खत्म हो सकती है। जबतक सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। जिला कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए राज्य के कोने-कोने से शिक्षक नेता आए थे।

प्रदर्शनकारियों का जुलूस कारगिल चौक से शुरू होकर जिला कार्यालय तक पहुंचा। उसके बाद जिला कार्यालय पर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। उधर, शिक्षकों की हड़ताल की वजह से राजधानी के अधिकांश स्कूलों में गुरुवार को ताले लटके रहे।

कई सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे ये शिक्षक कारगिल चौक पर जुटे। फिर जुलूस की शक्ल में पटना जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर किया प्रदर्शन ’ जागरण

मैटिक की कॉपियों की जांच गुरुवार से शुरू हो गई है। मूल्यांकन शुरू होने के दिन तक महज 42 फीसद ही शिक्षक योगदान करने पहुंचे। कॉपियों की जांच में कुल 2600 शिक्षकों को लगाया गया है।

1100 शिक्षक अबतक योगदान दे चुके हैं। बिहार बोर्ड ने राजधानी में 12 मूल्यांकन केंद्र बनाए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ज्योति कुमार ने बताया कि शुक्रवार को काफी संख्या में शिक्षक योगदान करेंगे। गुरुवार को जिन सेंटरों पर शिक्षकों ने कॉपी जांच की इच्छा जताई, उन्हें कॉपियां मुहैया कराई गई। कई शिक्षकों ने शुक्रवार से कॉपियों की जांच करने की इच्छा जताई है। बिहार वित्त रहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के संयोजक राज किशोर प्रसाद साधु ने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों ने मूल्यांकन का कार्य संभाल लिया है। शिक्षकों की लड़ाई सरकार से है न कि मासूम छात्रों से। जिला शिक्षा अधिकारी की मानें तो इंटर की कॉपियों की जांच 50 फीसद से अधिक हो चुकी है। पटना जिले में कुल 3 लाख 68 हजार कॉपियों की जांच होनी है। इसमें 945 शिक्षकों को लगाया गया है। सरकार ने इंटर की कॉपियों की जांच में तेजी लाने के लिए दो शिफ्टों में काम कराने का निर्देश दिया है।

सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक रोजाना समीक्षा करेंगे। इंटर की कॉपियों की जांच के बाद शिक्षक मैटिक की कॉपियां जांचने का भी काम कर सकते हैं।

2600 शिक्षकों को बोर्ड ने लगाया है मूल्यांकन के लिए लेकिन केंद्रों पर 1100 ही पहुंचे, बोर्ड ने राजधानी में बना रखे हैं 12 मूल्यां्रकन केंद्र

प्रदर्शनकारी शिक्षक प्रदर्शन करते-करते डीएम कार्यालय तक जा पहुंचे और हंगामा करने लगे।

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